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सुपोषण अभियान
महिला एवं बाल विकास विभाग, सारंगढ़-बिलाईगढ़
महिला एवं बाल विकास विभाग Department of Women & Child Development छत्तीसगढ़ शासन / Govt. of Chhattisgarh
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नया क्या है (What's New)
📢 सुपोषण ट्रैकिंग अभियान: पोषण माह के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का वजन और ऊंचाई मापा जा रहा है। कृपया सहयोग करें।📌 निर्देश: प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सभी पंजीकृत बच्चों की मासिक प्रविष्टि (वजन व ऊंचाई) पूर्ण करना अनिवार्य है।🏥 आवश्यक सूचना: अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की पहचान कर उन्हें तुरंत पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराएं।
सुपोषण अभियान
सारंगढ़-बिलाईगढ़
🔐 विभागीय लॉगिन

कुपोषण की श्रेणियां एवं शारीरिक लक्षण

बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए कुपोषण की पहचान, जागरूकता और सही समय पर चिकित्सकीय प्रबंधन ही जीवन का आधार है।

कुपोषण की श्रेणियों को समझें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के नैदानिक मानकों के अनुसार कुपोषण की श्रेणियां:

अति-गंभीर कुपोषण

SAM (Severe Acute Malnutrition)
🚨

यह एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा स्थिति है जिसमें बच्चे का वजन उसकी लंबाई के अनुपात में अत्यधिक कम हो जाता है। इसमें तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप आवश्यक है।

बाँह का घेरा (MUAC) < 11.5 cm
Z-स्कोर (WFH) < -3 SD
🔍 प्रमुख शारीरिक लक्षण:
अत्यधिक कमजोरी (Wasting) हड्डियां उभरना (चिड़िया जैसी छाती) दोनों पैरों में सूजन (Kwashiorkor) चेहरे पर बूढ़े जैसी झुर्रियां
🏥 तुरंत एक्शन: बच्चे को अविलंब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) भेजें और डॉक्टर की देखरेख में चिकित्सकीय आहार शुरू कराएं।

मध्यम कुपोषण

MAM (Moderate Acute Malnutrition)
⚠️

मध्यम तीव्र कुपोषण में बच्चे का वजन सामान्य स्तर से नीचे गिर जाता है। यद्यपि यह तुरंत जानलेवा नहीं है, पर ध्यान न देने पर यह SAM में बदल सकता है।

बाँह का घेरा (MUAC) 11.5 से 12.5 cm
Z-स्कोर (WFH) -3 SD से -2 SD
🔍 प्रमुख शारीरिक लक्षण:
सामान्य से कम सक्रियता शारीरिक विकास रुकना जल्दी-जल्दी सर्दी-बुखार होना हल्के रूखे व भूरे बाल
🏡 आवश्यक कदम: आंगनबाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार (THR) नियमित खिलाएं। घर पर तीन बार अतिरिक्त पौष्टिक भोजन व स्वच्छता का ध्यान रखें।

ठिगनापन (दीर्घकालिक कुपोषण)

Stunting (Height for Age)
📏

यह बच्चे के जीवन के शुरुआती दिनों (विशेषकर पहले 1000 दिनों) में पौष्टिक आहार और लगातार बीमारी के कारण होने वाले क्रॉनिक (दीर्घकालिक) विकास अवरोध को दर्शाता है।

निर्धारण मानक उम्र के अनुसार कम लंबाई
Z-स्कोर (Height-for-Age) < -2 SD
🔍 प्रमुख शारीरिक लक्षण:
उम्र की तुलना में लंबाई कम होना सीखने व समझने में देरी मानसिक विकास में मंदी
💡 निवारक सुझाव: गर्भवती और धात्री माताओं के पोषण पर विशेष ध्यान दें। बच्चे के 6 माह पूरे होने पर पूरक आहार में विविधता लाएं।

सूखापन (तीव्र कुपोषण)

Wasting (Weight for Height)
📉

यह हाल ही में भोजन की तीव्र कमी या दस्त जैसी किसी गंभीर बीमारी के कारण अचानक तेजी से वजन घटने की स्थिति (एक्यूट कुपोषण) को दर्शाता है।

निर्धारण मानक लंबाई के अनुसार कम वजन
Z-स्कोर (Weight-for-Height) < -2 SD
🔍 प्रमुख शारीरिक लक्षण:
अचानक शरीर का दुबला होना मांसपेशियों का ढीला पड़ना त्वचा के नीचे वसा की कमी
🥩 निवारक सुझाव: बच्चे को दस्त या उल्टी होने पर ओआरएस (ORS) और जिंक दें, और बीमारी के दौरान और बाद में अतिरिक्त ऊर्जा-सघन भोजन कराएं।

अल्पवजन (उम्र अनुसार कम वजन)

Underweight (Weight for Age)
⚖️

यह स्टंटिंग (ठिगनापन) और वेस्टिंग (सूखापन) दोनों का एक मिश्रित संकेतक है, जो दर्शाता है कि बच्चा अपनी उम्र के सामान्य बच्चों की तुलना में बहुत हल्का है।

निर्धारण मानक उम्र के अनुसार कम वजन
Z-स्कोर (Weight-for-Age) < -2 SD
🔍 प्रमुख शारीरिक लक्षण:
उम्र की तुलना में हल्का वजन धीमी वृद्धि दर कम शारीरिक प्रतिरक्षा
🥕 सामान्य प्रबंधन: भोजन में दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, अंडा और पौष्टिक खिचड़ी शामिल करें। कृमिनाशक दवाओं (Albendazole) का समय पर सेवन कराएं।

सूक्ष्म पोषक तत्व व प्रोटीन कमी

Micronutrient & Protein Deficiencies
🥦

शरीर में विटामिन ए, आयरन, आयोडीन और आवश्यक प्रोटीन की भारी कमी से अंगों का सामान्य कार्य प्रभावित होता है, जिसे 'छिपी हुई भूख' भी कहते हैं।

लक्षण कारण प्रोटीन, आयरन, विटामिन कमी
मुख्य रोग क्वाशियोरकोर, एनीमिया
🔍 प्रमुख शारीरिक लक्षण:
चेहरे और पंजों पर सूजन पेट का बाहर निकलना आँखों के नीचे पीलापन (एनीमिया) त्वचा पर चकत्ते व घाव
💊 निवारक उपचार: आयरन और फोलिक एसिड सिरप, विटामिन ए का घोल, और नियमित स्वास्थ्य शिविरों में बच्चों की समय पर जांच आवश्यक है।

सामान्य एवं स्वस्थ बच्चा

Normal & Healthy Child

स्वस्थ बच्चे की शारीरिक लंबाई और वजन उसकी उम्र के अनुसार बिल्कुल सही अनुपात में होते हैं। उसका मानसिक और शारीरिक विकास तीव्र व संतुलित होता है।

मापक स्तर सभी संकेतक सही श्रेणी में
Z-स्कोर स्तर -2 SD से ऊपर
🔍 प्रमुख शारीरिक लक्षण:
उम्र अनुसार आदर्श वजन-लंबाई त्वचा पर चमक और स्फूर्ति सक्रिय खेल एवं अच्छी भूख सशक्त रोग-प्रतिरोधक क्षमता
🥬 स्वस्थ दिनचर्या: संतुलित घरेलू आहार जारी रखें, समय पर टीकाकरण कराएं और हर महीने आंगनबाड़ी में वजन मापना सुनिश्चित करें।

कुपोषण लक्षण पहचान सिम्युलेटर

मापने की विधि और लक्षणों को नीचे दिए गए रंग-코드ित इंटरैक्टिव टूल्स से समझें।

📏 बाँह का घेरा माप सिम्युलेटर (MUAC Simulator)

बाएं हाथ की मध्य भुजा की गोलाई (MUAC) मापने वाले टेप का लाइव प्रदर्शन। स्लाइडर को खिसकाएं:

सामान्य (Normal)
13.5 cm

बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित है

12.5 सेमी से अधिक की माप सामान्य श्रेणी को दर्शाती है। बच्चे को संतुलित आहार देते रहें।

🏥 अनुशंसित कदम: पोषण स्तर बनाए रखें एवं नियमित निगरानी रखें।
9.010.011.012.013.014.015.0
< 11.5 cm (लाल - अति गंभीर)
11.5 - 12.5 cm (पीला - मध्यम)
> 12.5 cm (हरा - सामान्य)

👦 शारीरिक लक्षण लोकेटर (Symptom Detector)

कुपोषण से शरीर में होने वाले बदलावों को देखने के लिए चमकीले बिंदुओं (Hotspots) पर क्लिक करें:

👆

हॉटस्पॉट पर क्लिक करें

कुपोषण के शारीरिक लक्षणों की पहचान करने के लिए बिंदुओं को छुएं।

कुपोषण पहचान एवं प्रबंधन प्रोटोकॉल

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों (ANM/Mitanin) के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका

📋 पहचान एवं रेफ़रल के 4 मुख्य चरण

सटीक रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर निम्नलिखित चरणों का कड़ाई से पालन करें:

1

शारीरिक मापन (Growth Checks)

माह में एक बार प्रत्येक बच्चे का वजन और लंबाई मापें। लंबाई के लिए स्टैडियोमीटर और शिशुओं के लिए इन्फेंटोमीटर का उपयोग करें। डब्ल्यूएचओ विकास चार्ट से मिलान करें।

2

भुजा की गोलाई (MUAC Measure)

6 माह से 5 वर्ष के बच्चों में तिरंगे MUAC टेप से बाएं हाथ के बीच के हिस्से को मापें। लाल पट्टी SAM (<11.5 cm) और पीली पट्टी MAM (11.5-12.5 cm) दर्शाती है।

3

द्विपक्षीय सूजन जाँच (Edema Test)

बच्चे के दोनों पैरों के पंजों को अंगूठे से 10 सेकंड तक धीरे से दबाएं। यदि गड्ढे (सूजन) बने रहते हैं, तो यह गंभीर कुपोषण (Kwashiorkor) का लक्षण है। यह आपातकाल है।

4

भूख परीक्षण (Appetite Test)

पहचाने गए गंभीर कुपोषित बच्चे को शांत वातावरण में बैठकर RUTF (रेडी-टू-यूज़ फूड) खिलाकर देखें। यदि बच्चा चाव से नहीं खाता या मना करता है, तो वह 'भूख परीक्षण में फेल' माना जाता है।

🩺 चिकित्सीय जटिलताओं की जांच (ANM द्वारा)

यदि बच्चा गंभीर कुपोषित (SAM) पाया जाता है, तो स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM) द्वारा तुरंत निम्नलिखित जटिलताओं की जांच की जाती है:

तेज बुखार (T > 38.5°C) अत्यधिक दस्त या उल्टी सांस लेने में तकलीफ (निमोनिया) भूख न लगना (Appetite Test Fail) गंभीर निर्जलीकरण (Dehydration)

🚨 रेफ़रल एवं भर्ती दिशा-निर्देश

❌ भूख परीक्षण फेल / चिकित्सीय जटिलता

पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती

बच्चे को तुरंत नजदीकी सरकारी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में संदर्भित किया जाना चाहिए, जहां 14 दिनों तक डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट की देखरेख में विशेष चिकित्सीय उपचार दिया जाएगा।

📌 उपचार के दौरान माता के भोजन और दैनिक भत्ते की व्यवस्था शासन द्वारा की जाती है।
✔ भूख परीक्षण पास / बिना जटिलता

सी-मैम (C-MAM) कार्यक्रम में प्रबंधन

बच्चे को घर पर ही समुदाय-आधारित तीव्र कुपोषण प्रबंधन (C-MAM) कार्यक्रम के तहत ठीक किया जा सकता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की देखरेख में उसे विशेष सप्लीमेंट और आरयूटीएफ दिया जाएगा।

📌 कार्यकर्ता प्रत्येक सप्ताह बच्चे के स्वास्थ्य, वजन और भोजन की प्रगति की गृह भेंट कर जांच करेंगी।

📊 गंभीर कुपोषण (SAM) पहचान चार्ट

विभाग द्वारा प्रदाय किए गए निम्नलिखित आधिकारिक चार्ट को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी पहचान प्रक्रिया को पुख्ता करने के लिए उपयोग कर सकती हैं।

विभागीय गंभीर कुपोषण (SAM) पहचान और वर्गीकरण चार्ट

📌 विभागीय दिशा-निर्देश चार्ट — बच्चे के विकास एवं पोषण स्थिति निर्धारण का मापदंड  |  ⬇ डाउनलोड करें

🥦 सुपोषण के पंचसूत्र (5 Golden Nutrition Rules)

कुपोषण से मुक्ति पाने और नवजात शिशु से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए सामुदायिक स्तर पर इन पांच सुनहरे नियमों का पालन आवश्यक है:

1

गर्भावस्था में पोषण

गर्भवती महिला को नियमित रूप से संतुलित आहार, दिन में दो बार विश्राम, कम से कम 4 प्रसव पूर्व जांच (ANC), और डॉक्टर की सलाह पर नियमित आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की गोलियां लेना सुनिश्चित करना चाहिए।

2

प्रथम एक घंटा व स्तनपान

शिशु के जन्म के तुरंत बाद (1 घंटे के भीतर) माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) जरूर पिलाएं। यह बच्चे के लिए पहला टीका है। पहले 6 महीने तक केवल माँ का दूध दें, पानी भी नहीं।

3

6 माह बाद पूरक आहार

शिशु के 6 माह पूरे होने पर स्तनपान के साथ-साथ अर्ध-ठोस पौष्टिक पूरक आहार (जैसे मसली हुई दाल, दलिया, फल, खिचड़ी) देना शुरू करें। उम्र बढ़ने के साथ आहार की मात्रा, गाढ़ापन और बारंबारता बढ़ाएं।

4

स्वच्छता और सफाई

भोजन पकाने, परोसने और खिलाने से पहले तथा शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ धोएं। बच्चे के खिलौने साफ रखें और पीने के लिए सुरक्षित व उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें ताकि डायरिया व संक्रमण से बचाव हो।

5

नियमित टीकाकरण व जांच

बच्चे का संपूर्ण टीकाकरण कार्ड के अनुसार समय पर कराएं। हर माह आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे का वजन व ऊंचाई मापें ताकि विकास चार्ट से उसकी शारीरिक प्रगति पर नजर रखी जा सके और किसी भी गिरावट पर तुरंत उपचार हो।